My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 1671 | Date: 19-Apr-2000
Text Size
एकला चल तू एकला, ना रह किसीके ख्यालों में।
एकला चल तू एकला, ना रह किसीके ख्यालों में।
तू खोया रह प्रियतम् की मिठी यादों में होगी मुलाकात जरूर।
आज दूर है तो क्या, मन पहुँच सकता है करीब उसके।
गुजरने ना दे कोई भी क्षण, जब आये ना याद उसकी।
इक् दिन छोड़ना पडता है मजबूरन, छोड़ दे मर्जी पे उसके।
होता है जो होने दे खुशी में रहके जीना सीख जा।
मस्ती छायेगी अपने आप, बिन करे होगी मौज हर पल।
आनंद ना है कही और, ये तो विराजे चित्त में सदा।
जीतना है तो जीतो तुम उसको, बिन् किये पाओगे कब कुछ।
आलम होगा मस्ती का, मर्जी के अनुरूप रहेगा साथ – साथ तेरे।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
चाँद और सूरज है दीप के भाँति तेरे सामने ऐ परम पिता।
Next
प्रभु अगर तू लायकियत देखके स्वीकारेगा मुझे।
*
*