My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2275 | Date: 21-Apr-2001
Text Size
प्रभु कुछ ऐसा करना चाहूँ जो छू जाये तेरे मन को।
प्रभु कुछ ऐसा करना चाहूँ जो छू जाये तेरे मन को।
निकले जुबां से कोई गीत ऐसा, जो गुदगुदा जाये तेरे दिल को।
कभी नैन मटका करते करते, भटक जाऊँ प्रेम राह पे तेरे संग ।
कुछ ऐसा ताना – बाना बुन दूँ, जो उलझ जाये मेरा मन तेरे संग।
दशा कितनी भी बिगडे, पर उतरे न कभी प्रेम का तेरे नशा ।
दर्द हो या खुशी मन न लगे मेरा किसीमें कभी तेरे बिन ।
व्याकुल हूँ जितना मैं व्याकुल हो उतना तू, बजाऊँ प्रेम की बीन ऐसी।
नासमझी भी हो समझ भरी दुष्कर राह पे कर जाऊँ साकार तेरे सपने ।
मस्ती हो इतनी रहे कहीं भी तू, करुँ दीदार पलक झपकते ही।
दे जाऊँ तेरे कार्यों को अंजाम, दिल की धड़कन बनकर गुंजू तेरे दिल में।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
चांद सितारों की बात करता नहीं, ना ही हवाई किले हूँ बांधता।
Next
प्यार प्यार के सिवाय हो न कभी कुछ, जिंदगी गुजर जाये प्यार में।
*
*