My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2281 | Date: 25-Apr-2001
Text Size
कितना भी कह ले कोई न, पर मेरे प्यार पे उंगली उठा सकता नहीं ।
कितना भी कह ले कोई न, पर मेरे प्यार पे उंगली उठा सकता नहीं ।
कितना भी दे दो हवाला किसी बात का, पर मेरे दिल की बात कोई झुठला सकता नहीं।
बंदगी न ये मेरी है, ये तो उसकी है जिससे है दिल लगाया उसकी पहचान है।
मुआ मेरी क्या बिसात उसके प्यार में तो बन जाती है अच्छे अच्छो की पहचान।
पलकें बिछाए रहता है वह, जो सर पर कफन बांधके कहा करते है उसका।
निभाते है जो जी जान से रिश्ते, कहीं हमारी वजह से लग न जाए दागदामन पर उसके।
रसूख उन सबकी वह है बनाता, दूनिया की आग-लपेटों में मांझी का किरदार है निभाता।
कोई अंतर नही, कोई जतन नहीं, उसको जीतना है तो लेना पड़ता है अमर प्रेम का सहारा।
इक बार जो हाथ पकड़ा दुनिया के दुरूह दौर में, फिर कभी न है साथ वो छोड़ता।
कमी न रहती उसकी और से कभी, कमियों के मारे बंदे जो हम है।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
सुख जाने दो मेरे आसुओं को आंखों में, ये उपजे है बेदर्द बनके।
Next
बहुत दिनों के बाद हुआ है कुछ ऐसा आज, कि तेरे सामने बैठके कुछ कहने को कह रहा है
*
*