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Hymn No. 2792 | Date: 19-May-2004
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मांगा है, मांगा है, प्रभु जब तक हमने तुझसे मांगा है।
मांगा है, मांगा है, प्रभु जब तक हमने तुझसे मांगा है।
मांगने के सिवाय कोई काम न किया, जब हमने तुझसे मांगा है।
कभी खुश होके मांगा, तो कभी दुःखों से घिरते मांगा।
कभी अपनो के लिये मांगा तो कभी खुद के लिये मांगा।
पल पल जिंदगी बीते मांगने में, मांगने के सिवाय कुछ ओर न आया।
जरा सा दुःख आते बिसूरते मांगा, न मिलने पे दोष दे डाला।
जानने की न कोशिश की, न सोंच ने कभी अंजाम दिया।
जरा सा कभी कुछ किया, उसकी एवज में समय से पहले मांगा।
न श्रध्दा के सुमन चढ़ाया, न ही विश्वास के अग्नि में तपा।
आकंठ डूबा जब जब विषय वासना मैं, भोगो के सिवाय कुछ ना भोगा।


- डॉ.संतोष सिंह