My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2834 | Date: 19-Sep-2004
Text Size
पटरियों पे दौड़े रेलगाड़ी, श्वासों की पटरियों पे दौड़े जिंदगी।
पटरियों पे दौड़े रेलगाड़ी, श्वासों की पटरियों पे दौड़े जिंदगी।
रहती नही राह एक सी कभी, नरम गरम थपेड़े खाये जिंदगी।
रोके राह किस पल कब किस वजह से, हाल कुछ है ऐसा जो जिंदगी का।
मिले ताकत इसे बिजली से, हमने रखा है नाम रब उसी का।
पड़ाव आते हैं न जाने कैसे कैसे, कभी रुके तो कभी दौड़े जिंदगी।
सुंकूँ है तो बस मजिल का, यही हाल है प्यारे अपने जिंदगी का।
बदलती रहती है बस पटरियाँ, पर दौड़ भाग लगी रहती है सदा।
अदा है न जाने कैसे दोनों की एक, एक हाड़ मांस का तो दूजा लोहा लक्कड़
देखूं उसे तो वो मुस्कराये, मुस्कराते सीटी बजाते अपने कर्म करती जाये
है मुसाफिर हम दोनो एक जैसे, जब रुके तो तब मौत है जिंदगी का।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
I AM NOT HURTING, I AM NOT PREACHING.
Next
I WANT TO SEE, I WANT TO DO.
*
*