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Hymn No. 2910 | Date: 21-Dec-2004
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तेरे लिये जीना हो, तेरे लिये मरना हो, जिंदगी का हर पल तेरे लिये गुजरना है।
तेरे लिये जीना हो, तेरे लिये मरना हो, जिंदगी का हर पल तेरे लिये गुजरना है।
तेरे लिये सोना हो, तेरे लिये खाना हो, जिंदगी का हर कर्म तेरे लिये करना हो।
तेरे लिये रोना हो, तेरे लिये गाना हो, जिंदगी का मतलब तेरे लिये होना हो।
तेरे लिये लड़ना हो, तेरे लिये मार खानी हो, जिंदगी हर दम तेरी होके गुजरनी हो।
तेरे लिये प्यार करना हो, तेरे लिये नफरत को पीना हो, जिंदगी मैं चुपचाप तेरे लिये जीना हो।
तेरे लिये तेरा नाम लेना हो, तेरे लिये अंजाम को पाना हो, जिंदगी के पल पल मैं तेरा होना हो।
तेरे लिये हर कर्म को करना हो, तेरे लिये भुगतना हो, जिंदगी के हर दौर मैं नाचीज को तेरा होना हो।
तेरे लिये तेरा नाम करना हो, तेरे लिये मौन हो जाना हो, जिंदगी के मायने सिर्फ
तू ही तू होना हो।
तेरे लिये रक्त बहाना हो, तेरे लिये सूली पे चढ़ जाना हो, जिंदगी मैं बस तेरी कृपा के सहारे जीना हो।


- डॉ.संतोष सिंह