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Hymn No. 617 | Date: 18-Jan-1999
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विश्वास है मुझे इतना, पकडा जो दामनं तेरा छोड़ेंगे ना कभी ।
विश्वास है मुझे इतना, पकडा जो दामनं तेरा छोड़ेंगे ना कभी ।
त्याग दूंगा श्वास मेंरी, वादें को निभायेंगे जरूर, सीखा है तूझसें ।
विश्वास के संग प्रतिपल प्यार मेरा बडता रहेगा तेंरी ओर।
विमुख हो जायेगे इस जहाँ से, ना तुझसे होगे कभी।
किया मन की हमनें सदा, पास बुलाया फिर भी तूने ।
जलती हुयीं आग पे चलेंगे, तेंरी ओर उठें हुये कदम ना रूंकेगे ।
तेरे पास आनें के लिये क्षीण ना होनें देंगे, विश्वास को, मांग लेंगे तुझसे ।
रंगत मेंरी बदलती जा रही है, विश्वास के आंच में पक कें।
तोड़ ना सकता है कोई उसे, लबादा उठा देंगे तेरे प्यार का ।
निशंक हो जायेगा मन मेरा, भर जायेगा दिल विश्वास से लबालब।
प्यार होगा तेरा हमशे इतना प्यार बनकें बह जायेगे तुझमें ।
कोई कसम ना दूंगा तूझें आनें के लिये, विश्वास से पुकार लेंगे ।


- डॉ.संतोष सिंह