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Hymn No. 732 | Date: 10-Feb-1999
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अधूरा हूँ तब तक, जब तक तू न मिल जाये ।
अधूरा हूँ तब तक, जब तक तू न मिल जाये ।
राह पे नजर पड़ी है अभी, सफर तो पूरा बाकी है ।
साकी अभी तो और पिला, नशा होना बाकी है ।
प्यार में कोई उलझन कहाँ, जीवन में अभी तो प्यार होना बाकी है ।
बहुत खायी ठोकरे, अभी तो तेरा पता पूछना बाकी है ।
पल भर के लिये क्या मिलना, अभी तो मुकाम बनाना बाकी है ।
शरारत पे तू न जा हमारी अभी तो मिलन होना बाकी है ।
साथ निभाने की तू दौड़ अभी तो तेरे दामन का हिस्सा बनना बाकी है ।
किस्सा खत्म न हुआ, अभी तो शुरुआत होना बाकी है ।
देखा तो जरूर तुझे, दिल में बसा लेना अभी बाकी है ।
साकी तू अभी और पिला, मदहोश होना बाकी है ।
आज तेरे करीब जो आये है, कंधो पे सवार होके जाना अभी तो बाकी है ।


- डॉ.संतोष सिंह