QUOTES
The quotes section will be launch soon.
Quote No. 477 | Date: 01-Aug-2002
Text Size
कब तक बुझा-बुझा रहूँगा पास रहके आंच के |
कब तक बुझा-बुझा रहूँगा पास रहके आंच के |
आज नहीं तो कल आंच बनके ख़ाक हो जाना है जीवन को |
 

देवेंद्र घिया( काका )


First...466467468469470...Last