“ दिनांक: 07-Apr-2001 मन की बात है मानता नहीं कुछ, दिल की बात को पहचानता नहीं | अरमानों पर फेर देता है पानी, करके मनमानी, फिर भी रखता है हर बात में अपनी ज्ञानी (सानी) | ” - डॉ.संतोष सिंह Share