“ दिनांक: 05-May-2001 दम नहीं है कोई कीसीके, हर कोई टिका है कर्मो पे अपने | मारे हैं कीस्मत का अपने, पर पुरुषार्थ की तलवार है हाथों में | ” - डॉ.संतोष सिंह Share