“ दिनांक: 13-May-2001 बड़ी बात है, बड़ी बात है तेरे पास आना उससे भी बड़ी बात है तेरे पास आके रुक जाना | बड़ी बात है अपनों का दामन थामना, पर उससे भी बड़ी बात है गैरों को अपना बनाना | ” - डॉ.संतोष सिंह Share