“ दिनांक: 24-Feb-2001 लगी हैं आग तन-मन में, प्रतिपल जलता जा रहा हूँ | बचेगी जो ख़ाक उसमें से, महक आएगी तेरे प्यार की | ” - डॉ.संतोष सिंह Share