“ दिनांक: 19-Jan-2002 अब न करूँगा तेरा सजदा, की सजदा तो होती है बुजुर्गों की | और जो लगे अपना, उससे तो सिर्फ मोहब्बत ही मोहब्बत होती है | ” - डॉ.संतोष सिंह Share