“ दिनांक: 22-Jun-2003 तेरी दुनियाँ को तो समझे, तेरे लोग भी क्यों है इतने अजीब | रहके तेरे इतने करीब, क्यों है अपनेपन के मुरीद | ” - डॉ.संतोष सिंह Share