“ दिनांक: 04-Feb-2005 कोई करता है तुझसे प्यार तो ये कीस्मत की बात है या फिर कर्मो का अंजाम| कह लो चाहे तुम कुछ पर होती है 'तेरी मेहरबानी’ | ” - डॉ.संतोष सिंह Share