“ दिनांक: 05-Aug-2005 अगर कुछ याद दिलाते हो तो, शब्दों में ढ़ाल के लिख लूँगा | तेरे प्यार में पग-पग, ज़िंदगी को मस्ती में जी लूँगा | ” - डॉ.संतोष सिंह Share