“ दिनांक: 22-Oct-2007 परम सत्ता अभिव्यक्त हो रहा है सर्वत्र स्वरूप में | कैसे कहूँ वह गोचर नहीं जो गोचर है परम स्वरूप में | ” - डॉ.संतोष सिंह Share