“ दिनांक: 06-Nov-2008 तुम कहते हो वो दूर है, हम कहते हैं तुम मगरूर हो, माया के नशे में चूर हो, ये तो तुम्हारा गुरु है | की प्रभु के पास रहके प्रभु से दूर हो | ” - डॉ.संतोष सिंह Share