“ दिनांक: 28-Apr-2009 मत खाओं तरस हमारी हालत पे, देना है तो दो एक प्यार भरी मुस्कान जो मर-मिटने का जज्बा बाँधा जाए, वो भी न दे सके तो, बदनाम न करो यारों | ” - डॉ.संतोष सिंह Share