“ दिनांक: 22-May-2009 सारा संसार तड़प रहा है, कोई पाके तड़पे कोई बिना पाए तड़पे | मानो तड़पने की होड़ मची है, ऐसी तड़प से तड़पे बिन हम अच्छे | ” - डॉ.संतोष सिंह Share