“ दिनांक: 21-Aug-2009 ओं .. जिंदों को ठुकराने वालो, मुर्दों पे क्यों आँसू बहाते हो? | समय रहते चेत जाओ, समय के साए तले हर एक को इस दौर से गुज़रना है | ” - डॉ.संतोष सिंह Share