“ दिनांक: 24-Jan-2010 सब कहते है तुम बहुत दूर हो, जो ख्वाबों में तुम्हें देखता हूँ | ख़ाक सार को क्यों तुम पास लगते हो, हर पल क्यों तुम साथ लगते हो | ” - डॉ.संतोष सिंह Share