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Hymn No. 1086 | Date: 20-May-1999
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निकल जायेंगे मेरे प्राण कोई बात नहीं, जो तू नहीं तो कुछ भी नहीं ।
निकल जायेंगे मेरे प्राण कोई बात नहीं, जो तू नहीं तो कुछ भी नहीं ।
होंगे मेरे रिश्ते अनेकों से, जो तेरा-मेरा रिश्ता नहीं तो कुछ भी नहीं ।
दिन-रात आते है बीत जाते है हर बार, जिस पल तेरी याद नहीं वो पल है बेकार ।
है घर मेरे कई प्रभु, पर जिस घर में तेरा वास नहीं वो घर है बेकार ।
लाखों तन-मन में जिया-मरा कई-कई बार, जो तेरा दर्शन न किया तो हुआ सब बेकार ।
गीत-संगीत बजते है बहुत, जो तेरी याद न दिला सके तो वो सब है निरर्थक मेरे लिये ।
रास्ते है लाखो जिनका अंत न हो तेरे दर पे, अच्छे होके भी खराब है वे रास्ते।
चाहत कितनी भी अच्छी हो, अगर उस चाहत से तेरा वास्ता न है तो वो भी है बकवास ।
मुर्ति लाख सुंदर हो, देखने पे उभरे न तस्वीर, तेरी दिल में मेरे तो वो भी है बकवास ।
मुरत लाख सुंदर हो, देखने पे उभरी न तस्वीर, तेरी दिल में मेरे तो वो भी है बकवास ।
दर्द कैसा भी हो तन-मन को, उस दर्द से जो याद न आये तेरी तो दर्द का कोई मतलब नहीं ।
खुशी हुयी कोई, अगर जुडी नहीं है तुझसे तो उस खुशी का कोई मतलब नहीं मेरे लिये ।
मेरा सब कुछ जुड गया है तुझसे, कितना भी हो खराब अगर जुडा है तुझसे तो उससे अच्छा कुछ नहीं ।


- डॉ.संतोष सिंह