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Hymn No. 1220 | Date: 20-Jul-1999
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आया-गया करीब तेरे, तेरा बगुला भगत ।
आया-गया करीब तेरे, तेरा बगुला भगत ।
शेखी बघारने में सानी नहीं कोई मेरा ।
फीके पड़ते है अच्छे-अच्छे ज्ञानी सामने मेरे ।
कुछ भी न जानूँ तो क्या बोलना तो जानूँ ।
कुछ भी करुँ, या ना करुँ, मिथ्या प्रलाप तो करुँ मैं ।
कैसे भी है बगुला ही सही, भगत तो हूँ तेरा ।
दोषों से कोई गुरेज नहीं, गुणों का पता नहीं ।
प्रभु मान गए तुझे, हमें आने देता है पास ।
सोचा होगा कुछ और तू, निकल गया मैं क्या ।
खुश हूँ तेरी कृपा से, याचक बनकर याचना करुँ सदा ।


- डॉ.संतोष सिंह