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Hymn No. 1226 | Date: 01-Jan-1900
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शिकायत ना है कोई तुझसे, इनायत की दरकार रखते है ।
शिकायत ना है कोई तुझसे, इनायत की दरकार रखते है ।
प्यार का कोई फनकार नहीं मैं, हाँ प्यार करते है जरूर तुझसे ।
जानते है, खबर है सब कुछ तुझे, फिर क्यों तड़पता है तूं हमे ।
मत करना कोई सवाल हमारे प्यार पर, हाँ मन भटकता है अभी भी ।
निकले है प्यार की डगर पर, मंजिल की तलाश नहीं, हम तो मारे है प्यार के ।
धीरे-धीरे खिल रहा है दिल मेरा, तेरे अमृत भरे गीतों को पीकर ।
मेरा रोम-रोम ढल गया, तेरे प्यार के तरन्नुम में झूमकर ।
गुम हो जाऊँ अगर प्यार की डगर पर तो कोई परवाह नहीं ।
तलाश तेरी नहीं है, हम तो रखते है बस तुझसे प्यार की दरकार ।


- डॉ.संतोष सिंह