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My Divine Blessing
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Hymn No. 1298 | Date: 22-Sep-1999
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ओ मेरे सावरे, प्यार करके क्यों छूप जाता है सावरे..
ओ मेरे सावरे, प्यार करके क्यों छूप जाता है सावरे..
रहता क्यों नहीं तू पास मेरे, ओ मेरे सावरे, ओ मेरे सावरे ।
दिल की हालत जाने तू, फिर क्यों तड़पाता है तू इतना ।
उभर आते है नयनों में खारे पानी की बूँदे, बेवफाई देखकर तेरी ।
कुछ कर दे तू ऐसा, जो तन होकर बन जाए एक जान हम ।
कहाँ हुई भूल हमसे, जो तुझे मजबूर कर गई दूर रहने को ।
पूरजोर कोशिश होगी हमारी, तेरे प्यार में सब कुछ भूलाने को ।
चाहत है तुझसे इतनी, प्यार की शराब पिलाते रहना ।
होश खो देना चाहता हूँ, तेरे प्यार के वास्ते ।
जारी रखना तू प्यार का दौर, वादा है तेरा बनकर दिखाएँगे ।
- डॉ.संतोष सिंह
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