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Hymn No. 1386 | Date: 16-Nov-1999
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आँसुओं की झड़ी लगा दूँगा, तेरा प्यार पाने के वास्ते।
आँसुओं की झड़ी लगा दूँगा, तेरा प्यार पाने के वास्ते।
मन को नाच दूँगा चरणों में तेरे, अपना नाथ बनाने के वास्ते ।
दिल की प्यास मिटाने के लिये प्यार की गर्मी से बढाऊँगा प्यास तेरी।
जमी चाहे फट जाये, आसमां इक् बार को झुक जाये, तुझसे कम में ना मानेंगे हम।
टूटेंगे इक बार नहीं कई कई बार, जो चल पड़े राह प्यार पे तो रूकेंगे नहीं।
पाया है सब कुछ तुझी से, लुटाना पड़ा सब कुछ बिन् हिचक लुटायेंगे तुझपे।
तेरे प्यार को पाने के वास्ते, हर मुकाम से गुजर जायेगे।
झटपट का आदि नहीं मैं, इंतजार का इम्तिहां दूँगा आखरी दम तक।
तेरे हाथों से प्यार की बाजी छीनेंगे जरूर, चुपचाप तेरे चरणों में सौंपने के वास्ते।
जीवन जब जब मिलेगा कुर्बान करता जाऊँगा, खुद को तेरी सलामती के वास्ते।


- डॉ.संतोष सिंह