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Hymn No. 1450 | Date: 16-Dec-1999
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बता दे कोई कब मिलेंगा प्यार मेरा, जिसका कर रहा हूँ इंतजार।
बता दे कोई कब मिलेंगा प्यार मेरा, जिसका कर रहा हूँ इंतजार।
किया क्या था ऐसा हमने गुनाह, जो होना पड़ा दूर प्यार से अपने।
सपनो में जो ना सोचा था वो हकीकत में बदल गया तेरा साथ मिलतें।
थोड़ी सी कसक बाकी है दिल में, कब दूर होगी ऐ हजूर बता दे तू मुझे।
जो सोचा था वो काम न आया, समझ के नासमझ बना रहा प्यार को तेरे।
समझने की चाहत ना है हमें, दिल को डूब जाने दे, प्यार के तेरे गहरे सागर में।
मेरे वश में ना है कुछ ना ही वश में करना चाहूँ बस वश में कर ले तू मुझको।
खेल तू मुझसे कितना भी कोई गम नहीं, ये खिलौना बहला दे दिल तेरा तो कम नहीं।
जोर भर दे दिल में इतना उमड़ पड़े प्यार का सैलाब हर सरहद को तोड़ दौड़ पडूँ ओंर तेरे।
देखते ही तुझे मचाऊँगा शोर मिलन के लिये लगा दूँगा अपना सारा ज़ोर।


- डॉ.संतोष सिंह