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Hymn No. 1460 | Date: 19-Dec-1999
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यहाँ – वहाँ, जहाँ – तहाँ सें गुजर जायेगे तेरा प्यार पाने के वास्ते।
यहाँ – वहाँ, जहाँ – तहाँ सें गुजर जायेगे तेरा प्यार पाने के वास्ते।
कही – सुनी ना दोहराता हूँ, अपने दिल की बात हूँ सुनाता।
मगरूरी ना कहो तुम इसे, मस्त है हम प्यार में अपने।
शिकवा ना है हमको किसीसे, अगवा कर लिया प्यार में जो उसने।
रूकने का नाम ना लूँगा, देना पड़े चाहे कितना भी दाम।
आम ना रह गया है कुछ, जो पी लिया प्यार का जाम सरेआम।
नाम बदनाम होता है तो होने दे, हम तो गुमनाम हो चुके प्यार से तेरे।
अभेद ना रहा तू, जान गये जो तेरे प्यार को हम।
कैद कर ना सका तुझे कोई, कैद हो जाऊँगा प्यार में तेरे।


- डॉ.संतोष सिंह