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Hymn No. 1459 | Date: 19-Dec-1999
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अपने यार के वास्ते लुटायेगे प्यार को।
अपने यार के वास्ते लुटायेगे प्यार को।
माँगा गर चांद तो उतार लायेंगे जमीं पे उसे।
कहने की बात ना है, इशारे पे कर दिखायेंगे।
धूप भी राह में आया तो प्यार से कर देंगे शीतल।
छूने ना देंगे मनचली हवाओं को जब तक कोमलता ना हो।
बदल देंगे फिजा के रंग को गर उसे कबूल ना हो।
चुनेंगे राह के हर काँटों को, चलने से पहले उसके।
चाहे कितना भी कहे कोई रहेगे संग उसीके हम।
कली खिली है जो प्यार की उसको मुरझाने ना देंगे।
चप्पा - चप्पा गायेगा यारों मेरे प्यार की दासतान।


- डॉ.संतोष सिंह