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Hymn No. 1464 | Date: 22-Dec-1999
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परवाह ना है हमको किसीकी, हम तो चले है चढ़ने मोहब्बत की सूली पे।
परवाह ना है हमको किसीकी, हम तो चले है चढ़ने मोहब्बत की सूली पे।
मोहब्बत का नाम ना बदनाम करेंगे, चाहे मिट जायेगे राहे मोहब्बत में।
अड़चनें आती रहेंगी हजार, हर बार पार कर जायेगे यार का नाम लेके।
आज भले जग फेरे मुख मुझसे, करेंगे सलाम हर कोई जब होंगे यार की बाहों में।
पाने की ना रह गयी है अब कोई तमन्ना, हम तो निकले है खुद को लूटाने वास्ते।
ना रह गयी है जरूरत फरियाद करने की, हर बार चाहूंगा याद करना किसी और तरीके से।
मुरव्वत ना करना तू प्यार समझके, जितना हो सके बिछाना काटे राह प्यार में।
हम तो हो चुके है बेपरवाह, ले जायेगी तुझ तक सनम तेरे प्यार की मस्ती।
सूरज होता है अस्त – पस्त होके अपनी गर्मी से, हमको तो जोश यार का प्यार।
हँसता है कोई गर तो हमने हँसने का मौका दिया है, पर परवाना छुयेंगा प्यार की बुलंदियों को जिस दिन तो कहेंगा हर कोई वाह – वाह।


- डॉ.संतोष सिंह