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Hymn No. 1520 | Date: 17-Jan-2000
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तुम बरसाते हो इनायत जब हमपे, रह जाते है दुनिया की कयामत तब।
तुम बरसाते हो इनायत जब हमपे, रह जाते है दुनिया की कयामत तब।
तेरी इबादत में खोते है जब, आती है राह नजर मुश्किल से भरे क्षणों में।
जब खोते है यार यादों में तेरे, तब लेता है जन्म दिल में गीत प्यार के।
इम्तिहान का हर दौर गुजर जाता है ख्वाब देखते हुये प्रभु तेरे प्यार के।
इंतजार की घड़ियों में लेते है तेरा नाम प्रतिपल तेरा हो जाने के वास्ते।
राह हो जीवन की कैसी भी, मन में है अब एक ही भाव बढते जाना ओर तेरे।
सहूर ना है मुझे कुछ करने की, बेसहूर बना दिया दुनिया की नजरों में प्यार ने तेरे।
खबरदार करती है निगाहें तेरी, जब भटकता हूँ राहे प्यार पे से।
कसूरवार तो हम है तेरे, कृपा होने पे भी करते नहीं कहा हुआ तेरा।
परिणाम जब आता है गलतियों का, तेरे दर के सिवाय ना कुछ सूझता है हमें।


- डॉ.संतोष सिंह