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Hymn No. 1559 | Date: 08-Feb-2000
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बेदाग तेरे जिस्म पे लगने ना देंगे दाग फरियाद की।
बेदाग तेरे जिस्म पे लगने ना देंगे दाग फरियाद की।
तुझे झुमाते रहेगे मन ही मन में प्यार का गीत सुनाते हुये।
आशंकाओं से बिन् उरे चुपचाप चलेंगे तेरे बताये राह पे।
तू पास रह या दूर कोई गिला नहीं, जो दिल में होगा तू जरूर।
रूखसत होना पड़े तन से हो जायेगे पर तुझसे दूर होना ना है मंजूर।
अहंकार की बात ना है, यें तो प्यार का है कमाल।
आज का आज मचाऊँगा धमाल इतना, जीवन का सारा हलाहल पीके।
जीवन में जीते जी पीया आयेंगे तेरे घर को, मस्ती में होके चूर।
तुझे भी आ जायेगी गश्ती, इक् बार को जो देखेगा खड़ा चौखट् पे अपने।
तब तू भी ना ले सकेगा आह, प्यार से मिलन के वास्ते।


- डॉ.संतोष सिंह