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Hymn No. 1561 | Date: 09-Feb-2000
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मौन हो जाने दे प्रेम में तेरे, कहूँ हर बात नजरों से।
मौन हो जाने दे प्रेम में तेरे, कहूँ हर बात नजरों से।
डूब जाने दे तेरे दिल की धड़कन में, खड़के ना कुछ मेरे मन में।
सारे सवालों के उत्तर मिल जाये दिल में, खिल उठूँ कमल के समान।
पड़ी ना रहे जीवन की, अड़ा रहूँ तेरे संग चलने के वास्ते।
तकदीर को अब नहीं मानता हूँ, जब से जाना है तूझको।
घायल हो जाऊँ या बेहाल, बरसाते जाना प्यार तेरा हमपे।
जमके करुँगा बवाल, मस्ती में होगा तेरा बुरा हाल।
काल की दाल ना गलेगी, जो बनेगा प्यार मेरी ढाल।
हाल होगा जो भी मेरा, बाल बांका ना कर सकेगा कोई।
होके भी ना होऊँगा, दिन – रात तेरे बाहों में सोऊँगा।


- डॉ.संतोष सिंह