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Hymn No. 1592 | Date: 02-Mar-2000
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आते है जब भी पास तेरे, मच जाती है दिल में हलचल।
आते है जब भी पास तेरे, मच जाती है दिल में हलचल।
पल – पल वर्ष समान हो जाता है, जब तक पहुँच ना पाऊँ पास तेरे।
ख्वाब और ख्याल हो जाते है जीवंत जब मिलता है तेरा साथ।
क्याँ बताऊँ क्या न गुजरता है दिल पे, जब तक मिल न पाऊँ तुझसे।
झूम उठता है रोम – रोम मेरा, तेरे सन्निध्य में पहुँचकें।
बोल फूट पड़ते है बेसूरे गले से, जब होती है निगाहें चार।
खराश मन का हर मिट जाता है, जब होता हूँ चरणों में तेरे।
मत पूछ तू कुछ तू ही तू है, तेरे पास पहुँचके रह न जाता हूँ मैं।
बताना हो गया है मुश्किल, प्रेम करने वाले समझ सकते है हाल।
जो बात है तुझमे सच पूछो तो संसार में ना है वो कहीं भी।


- डॉ.संतोष सिंह