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Hymn No. 1694 | Date: 27-Apr-2000
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वक्त आ गया है, पूरा करना पड़ेगा हमारी तमन्नाओं को।
वक्त आ गया है, पूरा करना पड़ेगा हमारी तमन्नाओं को।
हाँ है झूठी, हाँ इतनी भी नहीं कि उसमें वजूद ना हो प्यार का।
ये आज की नहीं है, न जाने कब से है हमारे दिलों में।
बदला तन – मन, ना बदली यें कभी, रहीं इंतजार में सदा किसी कोने में।
बहुत चुपचाप रह लिया, आँखें भीचकें आसुओं को पी लिया।
कह दूँगा सभी से, प्यार करने का देता है सिला ये तू।
दामन में उलफत् है तो क्या, गफलत में रखता है क्यों हमें।
खुल के कह दे एक बार ना, कबूल कर लूँगा तेरा नया अंदाज जानके।
हँसके रूखसत होऊँगा महफिल से तेरी, दिल में अमिट याद बसाके।
तेरे राह का जर्रा - जर्रा भीगो दूँगा आँसूओं से, हमारे मननुमा काँटें चुभें ना तुझे।


- डॉ.संतोष सिंह