My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2008 | Date: 01-Oct-2000
Text Size
माना तेरे तीर का निशाना सही, उड़ाना एक ही बार में मेरे चिथड़े।
माना तेरे तीर का निशाना सही, उड़ाना एक ही बार में मेरे चिथड़े।
मनाया जायेगा इक् और नया त्यौहार, जो जन्मेगा नया पर्व विजयादशमी का।
रावण तो लड़ा था तेरे सामने रहके, मैंने तो किया भितरघात पास रहके तेरे।
जमीं आसमां का है फर्क मुझमें उसमें, इक् दुर्गुणों के कारण गवायी जान उसने।
यहाँ तो मिला है जनमो से दुर्गुण, न जाने कर्मों से किये है पाप कितने।
अधिकारी नहीं हूँ तेरा जप करने का, तू देके शाप कर दे नेस्तनाबूद मुझे
इक् बार फिर से होगी तेरी जयजयकार, बुराई पे भलाई के जीत का बन जायेगा तू प्रतीक।
इसके बाद न खेलना तू कोई खेल ऐसा, जो तेरे पास रहके बदल ना सके कोई।
इसमें तो तेरा कुछ ना जायेगा, पर इक् अभागा बनते बनते बिखर जायेगा।
सच पूछो तो मखमलों के बीच में मत लगा तू टाट के टुकड़े का पैबंद।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
आओ लोगों देखो जरा इंसा के रूप में कैसे रहता है शैतान।
Next
बंदा है गुलाम, सदियों पुराना तेरा, मन को बना न पाया गुलाम।
*
*