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Hymn No. 2758 | Date: 26-Jan-2004
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प्रभु तेरी अदाओं को देख देखके दिल धड़के।
प्रभु तेरी अदाओं को देख देखके दिल धड़के।
जितंना समझना चाहूँ, तो समझ न पाऊँ, पर दिल को लुभाये।
सम्भाले न सम्भले कदम, यों ही न जाने क्यों डगमगा जाये।
तेरे पास पहुँचते न जाने कैसी मदहोशी छा जाये।
प्यार का क्या कहना, जो ढल चुकी है जिंदगी की तस्वीर मैं।
भंदगी करते करते कर बैठा हूँ प्यार यार समझके।
सताये तेरी यादें, न जाने क्यों तू दूर है हमसे मुँह चुराये।
करनी की दे दे कोई ओर भरनी, पर न दे सजा विरह की।
माना है बहुत बचपना, पर अंतर है तेरा दिवाना।
जिसकी मस्ती में न है कोई ढिकाना, वो तो झूमे पल पल प्यार में।


- डॉ.संतोष सिंह