VIEW HYMN

Hymn No. 2775 | Date: 10-Apr-2004
Text Size
न गाये गये गीतों को गाना चाहता हूँ।
न गाये गये गीतों को गाना चाहता हूँ।
दिल की धुनों पे थिरकना चाहता हूँ।
गुमसुम से क्षंणो मैं मुस्कराना चाहता हूँ।
अविराम प्यार के पलों को संजोना चाहता हूँ।
रह रहके तुझे छोड़ना चाहता हूँ।
तेरी यादों में गुम हो जाना चाहता हूँ।
कल्पनाओं के हर सिरे पर तुझे पाना चाहता हूँ।
श्वासों को भुलाके तेरे प्यार को जीना चाहता हूँ।
लाजवाब बनके कहा तेरा करते जाना चाहता हूँ।
जीते जी तेरा हो जाना चाहता हूँ।


- डॉ.संतोष सिंह