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Hymn No. 2806 | Date: 01-Jul-2004
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बदलते बदलते बदल जाना है, तेरे रहते तेरा हो जाना है।
बदलते बदलते बदल जाना है, तेरे रहते तेरा हो जाना है।
जो चाहा वो तो मिला, सारे गिले शिकवे दूर कर जाना है।
हर हालातों से गुजरके, धीरे धीरे तेरा हो जाना है।
चाहत न है अब जन्मों की, न है चाहत अब चाहतों की।
प्रेम में मिले सुकूँ जो दिल को, दिल ही दिल से बातें करें अब।
आवारा है मन तो क्या, पनाह लेता है वो तेरी यादों में।
तड़पता हूँ तुझसे दूर रहके, तेरे पास पहुँचते शांत हो जाऊँ मैं।
कभी बहुत पास लगता है तू, तो कभी हरदम साथ रहता है तू।
क्या क्या होता है कहने को मन नहीं करे, कहना चाहूँ तो शब्द नही मिले।
बंद आँखों से हर पल तुझे देखता हूँ, छूने से पहले क्यों गुम हो जाता है तू।


- डॉ.संतोष सिंह