My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 2805 | Date: 01-Jul-2004
Text Size
दिल की बात है, दिलदार के साथ हूँ, फिर भी न जाने क्यों दिलबर से दूर हूँ।
दिल की बात है, दिलदार के साथ हूँ, फिर भी न जाने क्यों दिलबर से दूर हूँ।
बहुत चाहा करीब आना, आके उसका हो जाना, पलक झपकते दगा दे गया मन।
भटका बहुत दुनिया में यहाँ वहाँ, लगा नहीं कहीं भी दिल, जैसे सारे सुकूँ उड़न छू हो गये।
रातो को है नींद कोसो दूर, बिना बात के है आँखो मैं नीर, चाहत है मेरी तेरा बनने की
सालती है यादें पल पल, इधर उधर भटकूँ किधर भी, पर चैन नहीं है दिल में।
कभी लगे बात बन रही है, बनते बनते न जाने कब बिगड़ जाये एक बार फिर से रखड़ता चला जाऊँ।
चला हूँ चला हूँ मन में तेरा अहसास लेके, आज का आज जो होगा पल पल तू साथ मेरे।
कर्मों की हर बेड़ी टूटेगी, भाग्य की हर लकीर बदलेगी, आज नहीं तो कब होगा तू साथ मेरे।
श्वासों के उखड़ जाने से पहले, दिल की धड़कन बंद हो जाने से पहले,
पहुँचूंगा पास में तेरे।
टूटेंगे हर नियम, पूरे होगे सारे कर्म, पल भर की मुलाकात बदलेगी असीम में।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
तार दे यार मार दे, जिंदगी है अब तेरे सहारे, जो चाहे वो हाल कर दे।
Next
बदलते बदलते बदल जाना है, तेरे रहते तेरा हो जाना है।
*
*