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Hymn No. 2836 | Date: 30-Sep-2004
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मुझे जीना है तेरे लिये, पल पल तेरे प्यार को पीना है।
मुझे जीना है तेरे लिये, पल पल तेरे प्यार को पीना है।
खो जाना है तुझमें, चुपचाप ख्वाबों को श्वासों मैं संजोना है।
वख्त की क्या बिसात, जो कर चुका है हमको एक, हमेशा के वास्ते।
उन्हीं राहों पे चलना है, जो तेरे दर पे हमको ले जाती है।
तकते तकते तर जाना है, फिर कभी न सोना है, न रोना है।
यादों से निकलकर तेरे पास पहुँच जाना है, बनके हमसफर तेरा।
सताना है प्यार से रह रह कर, प्यार से गुदगुदाते तुझे मनाना है।
साले कुछ और, उससे पहले तेरे पहलू मैं सिमट जाना है।
प्यार की दास्तान बनके, हमदम होके गुम हो जाना है तुझमें।
अपनी पहचान को खो देना है, तेरी पहचान बनके रह जाना है।


- डॉ.संतोष सिंह