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Hymn No. 2837 | Date: 30-Sep-2004
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करता हूँ गुहार ओ करुणेश्वरी करो मेरी प्रार्थना को स्वीकार।
करता हूँ गुहार ओ करुणेश्वरी करो मेरी प्रार्थना को स्वीकार।
नादानियों से भरा जीवन, पर अब करना चाहता हूँ कहा तेरा।
खुश रखना चाहूं पल पल तुझे, तेरी खुशियों मैं बीता मेरे गुरू का जीवन।
दे दिया है अब तूने सब कुछ कर दिखाने की अब बारी आई है मेरी।
बनाना नहीं चाहता अब कोई ओर बहाना, कर दिखाना चाहता हूँ चाहा हुआ तेरा।
बस इतना सम्भाल लेना ओ करूणेश्वरी, उसके दीदार को अब न मोहताज करना।
झूठा हो या सच्चा प्यार तो प्यार होवे, यार के बिना दिन रात वो कैसे चैन पावे।
मौका हाथो से अब खोना नहीं है, समय रहते तेरी कृपा मैं डूब जाना है।
जो आज लगे कठिन डगर, तेरी दया और पुरूषार्थ से उसे पार कर जाना है
तेरी मदद के उठे हुये हाथों को पकड़के भवसागर से तर जाना है हर हमेशा के लिये।


- डॉ.संतोष सिंह