Hymn No. 2918 | Date: 16-Jan-2005
देर न करो ओ मेरे नंदलाला, देर न करो...
देर न करो ओ मेरे नंदलाला, देर न करो... लगी है आग जो दिल मैं उसे और बढ़ा दो, मुझे अपना लो, देर ना... भटके मन इधर उधर न जाने कितने ख्यालों मैं, दबे पांव आये तेरे ख्वाब, भोर कि किरण के संग न जाने क्यों गायब हो जाये देर... पल पल मचलता हूँ लगाये न लगे तेरा ध्यान, जब देखो तब तेरी यादों मैं विचरता हूँ, कब हो जाये जो मुलाकात, देर... विरह की पीड़ा पल पल साले मुझे, बिना अगन जलाये, तरसता हूँ एक पल के वास्ते, यूं ही कहीं न कही दीदार हो जाये, देर... लोगों की बात साले मुझे, अपने पराये जैसा लगे, तुनक मिजाजी मैं रहता हूँ, पल पल तुझे याद करते हुये, देर... काटो तो खून नही जो हाल है मेरा प्रेम में तेरे, जुबां जो दूँ तेरे नाम की, लोग पागल पागल कहते हैं, देर... रही सही कसर करवा ले तू पूरी, बना ले अपना जो है जरूरी, उल्फत की दुनिया में उल्फत से मर जाऊँगा, जो न तेरा बन पाऊँगा, देर...
- डॉ.संतोष सिंह
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