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Hymn No. 374 | Date: 23-Sep-1998
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जो प्रिय चाहेंगा वो कर दीखायेंगे, प्यार से जीवन को जीयें जायेगे ।
जो प्रिय चाहेंगा वो कर दीखायेंगे, प्यार से जीवन को जीयें जायेगे ।
धीरे – धीरे उसके दिल में घर बनायेंगे, अपने आप उसके हो जायेगे।
दिल की हर बात उससे निगाहो से कहेंगे, सुनना और समझना दिल ही दिल में होगा।
मिलनें पे उससे जो बात ना है कह पातें, मन की तरंगों से पहुंचा देंगे उस तक।
कुछ भी कहेंगे उसी को रखके, अपने दिलों – दिमाग के हर कोनें में ।
याद रखना और भूलना से उपर उठकें उसके कृपा से नाम लेकें स्मरण करते जायेगे।


- डॉ.संतोष सिंह