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Hymn No. 506 | Date: 16-Dec-1998
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प्रभु अब तुझसे क्यॉ है पाना दे दियां इतना कुछ बयां ना कर सकतें हम ।
प्रभु अब तुझसे क्यॉ है पाना दे दियां इतना कुछ बयां ना कर सकतें हम ।
हर सुबह साराबोर कर देता है हमें अपने दिव्य प्यार से, आनंद में गुजर जाता है हर पल ।
दुख – दुख ना नजर आता सुख का पता भी ना चल पाता, उमंगो से घिरा रहता हूँ ।
कीसी बात को लेकें शोक और क्रोध होतें हुये भी अहसास ना होता है इनका स्व को ।
मौज में रहता हूँ पानें और न पानें से मुक्त, तेरा बनाकें हर कर्म कराता है तू ।
इसकी कीमत अदा कर नहीं सकता, तेरा गुलाम बनपे भी, पर मेरी एक अनुग्रह सुन लें तू ।
रखना सदा हमें तेरी छत्र – छाया में, जो भी कीमत हो वसूल लेगा तू बिन बतायें हमें ।
हम तो है तेरे बनायें हुये मिट्टी के खिलौने है, तूझे हक पुरा है मिटानें का या रूप बदल देनें का।
प्रभु पार पाना है हमें, हम तो तेरी रजा मानकें चलें चरणों में बैठकें तेरे नाम में डूब जाना है ।
जो कदम बड चुके है तेरी और तेरा सहारा पाकें, रूक नहीं सकते कीसी भी काल में ।


- डॉ.संतोष सिंह