My Divine
Home
Bhajan
Quotes
About Author
Contact Us
Login
|
Sign Up
ENGLISH
HINDI
GUJARATI
My Divine Blessing
VIEW HYMN
Hymn No. 557 | Date: 06-Jan-1999
Text Size
लगन लग जाये मुझें तेरी, मगन हो जाऊँ में उसमें ।
लगन लग जाये मुझें तेरी, मगन हो जाऊँ में उसमें ।
अगंन शांत हो जायेगी मैं की, खाक के सिवाय कूछ ना बचेगा।
कूछ ना बनकें, कूछ ना में समां जाऊँगा, सब कूछ होगा मेंरा।
मैं मेरे मैं से कहीं उपर, बन जाऊँगा, सब कूछ ।
अंतहीन, निराकार, विशालता का हर पैंमाना होगी, बौनी जमीं हो या सीतारें ।
कई - कई सुर्य - चंद्र समायें होगे मुझमें, मैं रमता रहूंगा खूदमें ।
हर सुख – दुख मेरा, कूछ ना ऐसा होगा जो कहलायें दूजा।
ना कोई रिश्ता – ना कोई बंधन, फिर जीवन और मौत कीसकी।
आनंद में मैं रहूंगा, मुझसे परे कूछ ना होगा।
छोटा – बडा सब कूछ है मेंरा, जो जान – अंजाना वो सब कूछ भी मुझमें।
मैं नत नहीं हो सकता, मैं तो रत रहता हूँ अपने मैं ।
अरें मैं – मैं कहाँ, वो बस एक ओंकार जो प्रकटा रूप बदल – बदलकें ।
मैं अजन्मा, अकाल पुरूष, मुझमें ही समाया है त्रिकाल।
मेंरी कोई नहीं व्याख्या, सब कूछ होके, सबसे परें हूँ मैं ।
- डॉ.संतोष सिंह
Previous
प्रभू तू मेरे सारें रास्तें को बूंद कर दें जो जातें है संसार की ओर।
Next
चमत्कार तो बहुत होता है, अब प्यार की बातें हो जाने दें।
*
*