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Hymn No. 558 | Date: 06-Jan-1999
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चमत्कार तो बहुत होता है, अब प्यार की बातें हो जाने दें।
चमत्कार तो बहुत होता है, अब प्यार की बातें हो जाने दें।
प्यार में बंधके निराकार आकार में ढलता है और इससे बडा कोई मंत्र नहीं ।
जीवन का सार है तो, हर जीव – अजीव के लिये दूलार है ।
प्यार से जन्मीं करूणा, बच्चों की निश्चल मुस्कान है ।
अंतहीन है इसकी मर्यादा, प्यार से बाँधे रखें सबको सदा ।
हर दिल इसका मोहताज है, सबका मोल है तो यें अनमोल है।
लुटानें से यें ना लुटता ना ही होता है कम, प्यार करनें से प्यार होता है ।
इसमें ना कोई दोष है, हर लिंग – भेद से उपर यें तो सिर्फ निर्दोष है ।
देश – काल में बाँधे ना बंधा, ना ही इसकी कोई उम्र सीमा है ।
हर जाती में ये विशेष है, बिन् इसके ना कुछ पनप सका।
मूलमंत्र है सबका, सबके दिलों को है मैं सुहाता, इसके बिना कूछ नहीं मजा नहीं आता।
जिसको ये रोग लग जाता, उसको बहुत सताता, फिर भी सब है पुजारीं इसके ।


- डॉ.संतोष सिंह