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Hymn No. 559 | Date: 06-Jan-1999
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प्यार से प्यार को प्यार कर लेने दें, खुद को प्यार में साराबोर होनें दें ।
प्यार से प्यार को प्यार कर लेने दें, खुद को प्यार में साराबोर होनें दें ।
अंतहीन है सिलसिला प्यार का, प्यार को खूद में डूब जाने दें ।
पानें की आश ना रखना तू, बिछुडने के डर से उबर जायेगा।
इन सबसे परें तू अपने प्यार में रमता चला जायेगा प्यार बनपे ।
प्यार को प्यार का उपहार देंना, दिल को सजांना अपने प्यार से ।
कोई तेरा क्या कर लेगा, तू अपने प्यार में डूबकें सबको प्यार से प्यार कर लेंना।
प्यार प्यार का प्यार पाकें, हर चमन गुलजार होता चला जायेगा।
प्यार के सिवाय कोई बात न होगी, प्यार में तो बस प्यार की बात होगी।
हर दिल आबाद होगा प्यार से, सारे चमन में प्यार का बोलबाल होगा।
प्यार तो प्यार है प्यार में कोई भेद नहीं है भी तो प्यार से प्यार में सिमटता चला जायेगा।


- डॉ.संतोष सिंह